रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री — भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का लम्हा
भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए यह खुशी का बड़ा दिन है — सीनियर और युवा दोनों ही पीढ़ियों के दो चमकते सितारे, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर भुल्लर, को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है। यह ऐलान 25 जनवरी 2026 को किया गया और पूरे खेल जगत में बधाइयों की बौछार देखने को मिली।
Prime Minister Narendra Modi tweets, “Congratulations to all the Padma Awardees for their outstanding contributions to our nation. Their excellence, dedication and service across diverse fields enrich the fabric of our society. The honour reflects the spirit of commitment and… pic.twitter.com/6G8mkpWaHm
— ANI (@ANI) January 25, 2026
रोहित शर्मा — कप्तान जिन्होंने बड़े मौकों पर टीम को शिखर पर पहुंचाया
रोहित शर्मा का नाम आधुनिक भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों और सफल कप्तानों में गिना जाता है। उन्होंने कप्तानी के दौर में टीम इंडिया को बड़े मंचों पर नई ऊँचाइयां दिलाईं। खासकर:
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टी20 वर्ल्ड कप 2024 में रोहित के नेतृत्व में भारत ने खिताब जीता — यह टीम के लिए और देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। इस जीत के बाद रोहित समेत कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का ऐलान भी किया था।
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चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी रोहित ने कप्तानी की और फाइनल में टीम के साथ मिलकर ट्रॉफी जीती — इस जीत ने साबित कर दिया कि रोहित की कप्तानी दबाव में भी टीम को सही दिशा दे सकती है। (ICC ने इस उपलब्धि को भी रेखांकित किया है)।
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🟡 JUST IN 🇮🇳
Padma Shri Awardees 2026:
• Rohit Sharma
• Harmanpreet Kaur
• R. Madhavan
• Satish ShahHonouring excellence. Celebrating India 🇮🇳✨#PadmaAwards2026 #PadmaShri #ProudIndian #RepublicDay #RepublicDay2026 pic.twitter.com/UF8EH2h8KO
— Aadi Sing (@Aadi01208) January 25, 2026
इन उपलब्धियों ने रोहित को सिर्फ एक बेहतरीन बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जीतने वाले नेता के रूप में भी स्थापित किया। उनकी कप्तानी में खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देने और नई प्रतिभाओं को मौका देने का तरीका काफी सराहा गया।
संन्यास के फैसलों का असर — टी20 और टेस्ट से विदाई
टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद, रोहित ने छोटी पारी के अंतरराष्ट्रीय प्रारूप (T20Is) से संन्यास लिया — यह फैसला उन्होंने टीम के भविष्य और युवा खिलाड़ियों को स्थान देने की सोच के साथ किया। इसके बाद 2025 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया, और अब वह मुख्य रूप से वनडे टीम के लिए उपलब्ध हैं। बीसीसीआई और प्रमुख समाचार संस्थानों ने इन फैसलों का स्वागत करते हुए रोहित की लंबी और सफल करियर की तारीफ की।
इन फैसलों का मतलब यही है कि रोहित ने अब अपनी ऊर्जा और अनुभव वनडे क्रिकेट और टीम के नेतृत्व तथा मेंटॉरशिप पर केंद्रित करने का निर्णय लिया है — जिससे नए खिलाड़ियों के लिए मार्ग बन सके और टीम की अगली पीढ़ी को संभालने में मदद मिले।
हरमनप्रीत कौर — महिला क्रिकेट की ‘फायरब्रैंड’ और प्रेरणास्रोत
हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट को एक नई आवाज दी — उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, मैच जीतने की क्षमता और बड़े मंचों पर दबदबा बनाने की कला ने उन्हें भारतीय महिला टीम का चेहरा बना दिया है। 2017 की वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी नाबाद 171 आज भी महिला क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है — जिसने भारतीय महिला टीम की क्षमता को पूरी दुनिया के सामने रखा।
कप्तानी में भी हरमनप्रीत ने टीम की सोच, फिटनेस और आक्रामकता में बदलाव लाया है। उनका प्रभाव केवल स्कोरकार्ड तक सीमित नहीं रहा — उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया और महिला क्रिकेट के प्रोफेशनलिज्म को आगे बढ़ाया। पद्म श्री उनके व्यक्तिगत शानदार प्रदर्शन और महिलाओं के खेल में उनकी भूमिका का औचित्यपूर्ण सम्मान है।
दोनों खिलाड़ियों का खेल पर व्यापक प्रभाव
रोहित और हरमनप्रीत — दोनों ही खिलाड़ियों की उपलब्धियाँ अलग-अलग तरह की हैं, पर असर व्यापक और दीर्घकालिक है:
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रोहित की कप्तानी और बड़े मैचों में जीत उनकी रणनीतिक समझ और दबाव में calme रहने की क्षमता को दर्शाती है। उनकी लॉन्ग-फॉर्म और शॉर्ट-फॉर्म दोनों में तगड़ी बल्लेबाजी ने युवा खिलाड़ियों के लिए आदर्श तय किया।
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हरमनप्रीत ने महिलाओं की क्रिकेट को ग्लैमरस और प्रतिस्पर्धात्मक बनाकर नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त किया। उनकी पारी और नेतृत्व ने यह संदेश दिया कि भारतीय महिलाएं विश्व स्तर पर किसी से कम नहीं।
इन दोनों का संयुक्त सम्मान इस बात का प्रतीक भी है कि भारत अब पुरुष और महिला दोनों क्रिकेटर्स को बराबर महत्व दे रहा है — और खेल में उनकी सामाजिक व प्रेरक भूमिका को मान्यता मिल रही है।
सबकी प्रतिक्रियाएँ — फैंस, साथियों और विशेषज्ञों की राय
पद्म श्री की घोषणा होते ही सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। पूर्व और वर्तमान खिलाड़ी, क्रिकेट विशेषज्ञ और प्रशंसक — सबने रोहित और हरमनप्रीत की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की तारीफ की। कई युवा क्रिकेटरों ने कहा कि इन दोनों की कहानियाँ उनकी प्रेरणा हैं — खासकर छोटे शहर और गांवों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए।
आगे क्या उम्मीद रखें — दोनों का भविष्य
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रोहित शर्मा अब वनडे क्रिकेट में टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे और भविष्य में कोचिंग/मेंटॉरशिप रोल में भी टीम के नए खिलाड़ियों को गाइड कर सकते हैं। उनके अनुभव से टीम की रणनीति और युवा खिलाड़ियों के विकास को लाभ होगा।
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हरमनप्रीत कौर अभी भी सक्रिय क्रिकेटर हैं और उनका लक्ष्य भारतीय महिला टीम को एक बड़े आईसीसी खिताब तक पहुंचाना है। साथ ही वे युवा महिला खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल और मेंटर बनी रहेंगी।
आखिरी सोच — यह सम्मान केवल एक टैग नहीं
पद्म श्री का ये सम्मान केवल एक सरकारी सम्मान नहीं है — यह लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए एक संदेश है: मेहनत, सच्ची लगन और आत्मविश्वास से आप बड़े मुकाम तक पहुँच सकते हैं। रोहित और हरमनप्रीत की कहानी यह भी बताती है कि खेल में सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती — यह समुदाय, टीम और देश को भी प्रेरित करती है।
अंत में, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर भुल्लर को यह सम्मान देश की भावनाओं का एक छोटा सा प्रतिबिम्ब है — उनके खेल ने न सिर्फ मैच जीते, बल्कि दिलों में जगह बनाए। भारत उन्हें गर्व से नमन करता है
